Thursday, 26 December 2013




 भारतीय चिंतन दुनिया का पहला चिंतन था जिसमें पुरूष और नारी
      की समानता को पहचान लिया था और इसीलिए अर्द्धनारीश्वर का
      चिंतन सामने रखा, जिसमें ईश्वर आधा पुरूष है और आधा नारी!
       किन आज हमारे साईंसदान भी यह कह पाए हैं कि बौद्धिकता के
       नजरिए से, इन्टलैक्ट के पहलू से, मर्द और औरत में फर्क नहीं है!
                                                      --अमृता प्रीतम 

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